Short Motivational Story In Hindi 2024 – पढ़ें मोटिवेशन से भरपूर कहानियां हिंदी में

admin
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Short Motivational Story In Hindi महात्मा बुद्ध एक धार्मिक गुरु और भारतीय धर्म के महान संस्थापकों में से एक थे, महात्मा बुद्ध जिन्होंने गौतम सिद्धार्थ नाम से जन्म लिया था।

महात्मा बुद्धने अपनी ध्यान शक्तियों के माध्यम से सत्य की खोज में अपना समर्थन बनाया उनकी जीवन की एक महत्वपूर्ण घटना है जो आज इस पोस्ट Short Motivational Story In Hindi में हम आपके साथ शेयर करेंगे।

महात्मा बुध आत्मज्ञान की खोज में तपस्या कर रहे थे। उनके मन में विभिन्न प्रकारों के प्रश्न उमट रहे थे उन्हें प्रश्नों का उत्तर चाहिए था लेकिन अनेक प्रयासों के बाद भी उन्हें सफलता नहीं मिली।

Short Motivational Story In Hindi - पढ़ें मोटिवेशन से भरपूर कहानियां हिंदी में

वह आत्मज्ञान की प्राप्ति के लिए कठोर तपस्या करने लगे महात्मा बुधने कष्ट सहन की कई स्थानों की यात्राएं की परंतु जो समाधान उन्हें चाहिए था, वह उन्हें मिला नहीं।

एक दिन उनके मन में कुछ निराशा का संचार हुआ और वह सोचने लगे धन माया मोह और संसार की समस्त वस्तुओं का भी त्याग कर दिया फिर भी मुझे आत्मज्ञान की प्राप्ति नहीं हुई क्या मैं कभी आत्मज्ञान प्राप्त कर सकूंगा। मुझे आगे क्या करना चाहिए।

Short Motivational Story In Hindi

इसी प्रकार के अनेक प्रश्न बुध के मन में उठ रहे थे तपस्या में सफलता की कोई किरण दिखाई नहीं दे रही थी और इधर बुद्ध ने प्रयासों में कोई कमी नहीं छोड़ी थी वे उदास मन से इन्हीं प्रश्नों पर मंथन कर रहे थे।

इसी दौरान उन्हें प्यास लगी महात्मा बुध अपने आसन से उठे और जल पीने के लिए सरोवर के पास गए वहां उन्होंने एक अद्भुत दृश्य देखा एक गिलहरी मुंह में फल लिए सरोवर के पास आई गिलहरी ने जैसे ही मुंह सरोवर की ओर झुकाया तो फल उस से छूटकर सरोवर में गिर गया। गिलहरी ने देखा फल पानी की गहराई में जा रहा है।

गिलहरी ने सरोवर में छलांग लगा दी उसने अपना शरीर पानी में भिगोया और बाहर आ गई बाहर आकर उसने अपने शरीर पर लगा पानी झाड़ दिया और पुनः सरोवर में कूद गई उसने यह काम जारी रखा बुध उसे देख रहे थे लेकिन गिलहरी इस बात से अनजान थी वह लगातार अपने काम में जुटी रही बुध सोचने लगे।

Motivational Story In Hindi

यह कैसी गिलहरी है जो सरोवर का जल सुखाने चली है यह सरोवर का जल कभी नहीं सुखा सकती, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी यह पूरी शक्ति लगाकर सरोवर को खाली करने में जुटी है अचानक बुध के मन में एक विचार का उदय हुआ यह तो एक गिलहरी है फिर भी अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में जुटी है।

महात्मा बुध ने सोचा के मैं तो मनुष्य हूं आत्मज्ञान प्राप्त नहीं हुआ तो मन में निराशा के भाव आने लगे मैं पुनः तपस्या में झूठ जाऊंगा इस प्रकार महात्मा बुद्ध ने गिलहरी से भी शिक्षा प्राप्त की और तपस्या में जुट गए।

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एक दिन उन्हें आत्मज्ञान प्राप्त हो गया और वे भगवान बुद्ध हो गए दोस्तों गौतम बुद्ध की इस कहानी ने बताया कि कभी हमें हार नहीं माननी चाहिए और लगातार प्रयास करते रहना चाहिए और जितना हो सके हमें दूसरों से ज्ञान प्राप्त करना चाहिए।

दोस्ती हम आशा करते हैं की आपको आज की यह पोस्ट Short Motivational Story In Hindi अच्छी लगी हो अगर हा तो नीचे कमेंट के माध्यम से आप अपना मंतव्य हमारे साथ शेयर कर सकते हैं।

साथ ही दोस्तो आपको बता दें कि बिलकुल इसी तरह अगर आप और भी Motivational Story In Hindi पढ़ना चाहते है तो आप हमारे ब्लॉग पर पढ़ सकते है धन्यवाद।

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