Moral Stories in Hindi For Class 5 बंदर की कहानी

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Moral Stories in Hindi For Class 5 :दोस्तों स्वागत है आप सबका हमारे वेबसाइट पर आज हमने आपके लिए लिखी है Moral Stories in Hindi For Class 5 बंदर की कहानी आपको सीखने मिलेगा की जीवन में भी ऐसी चीज होती है जो हमें बहुत मूल्यवान लगती है उसको छोड़ा भी नहीं जा सकता उसकी वजह से हम जीवन में महत्वपूर्ण चीजों का आनंद लेना भूल जाते हैं।

मोटिवेशनल स्टोरी एक ऐसी कहानी है जो हमें प्रेरित करती है और जीवन में उत्साह और सकारात्मकता भरती है। इसमें सामाजिक सन्देश, सीख, और उत्तेजना होती है जो हमें कठिनाइयों का सामना करने के लिए प्रेरित करती हैं और आगे बढ़ने के लिए हमें उत्साहित करती हैं।

Moral Stories in Hindi For Class 5 बंदर की कहानी :- प्यारे बच्चों एक जंगल में एक नन्हा सा बंदर रहता था। और यह बंदर था इसीलिए अपना दिन जंगल में घूमते, पेड़ों पर चढ़ते, स्वादिष्ट फल खाते और आराम करते हुए बिताया करता था।

Moral Stories in Hindi For Class 5 बंदर की कहानी

दोस्तों लेकिन यह बंदर एक दिन खेलते खेलते गांव के पास पहुंच गया उसने देखा कि एक घर के अंदर लाल कलर की पक्के सेब का एक कटोरा पड़ा है और कटोरा में बहुत बढ़िया दिखने वाले फल थे बंदर को लगा कि यह फल से में अपना पेट भर सकता हूं। बंदर ने दोनों हाथों से एक-एक फल पकड़ लिया और वापस जंगल में भाग गया।
बंदर सेव लेकर जब जंगल में भागा तब तो वह बहुत खुश था लेकिन उसने जब सेबों को सूँघा तो उनमें कोई गंध नहीं आ रही थी। बंदरने फल खाने की कोशिश की, लेकिन उसके दांतों में चोट लग गई। ये सेब देखने में स्वादिष्ट लग रहे थे लेकिन लकड़ी के बने थे।
बंदर उस फल को खाने की कोशिश कर रहा था जब जंगल के दूसरे बंदरों ने सेब देखे तो उसने उन्हें और भी कसकर पकड़ लिया। बंदर को ऐसा लगता था कि कोई इस सेब को चुरा ना ले वह उनसे इतना मोहित हो गया कि वह अपनी भूख के बारे में भी भूल गया। लकड़ी के फल धूप में लाल चमक रहे थे और उसे बिल्कुल सही लग रहे थे।

Class 5 Moral Stories in Hindi

बंदर के पास में ही एक केले का पेड़ था वह एक पका हुआ केला तोड़ कर खाना चाहता था लेकिन उसके दोनो हाथ में लकड़ी के सेब थे। वह डरता था कि मैं अगर इस सेब को नीचे रख लूंगा तो कोई उसे ले जाएगा और मैं भूखा रह जाऊंगा इसीलिए बंदर ने लकड़ी के सिर को नीचे नहीं रखा
कुछ समय बाद नन्हे बंदर ने इसे नीचे रखने के बारे में विचार किया लेकिन इतनी मूल्यवान चीज़ को छोड़ना उसे सही नही लग रहा था। बेचारा बंदर बहुत दुखी था, वह थका हुआ था, जोर से उसे भूख भी लगी थी, और वह पेड़ों पर नहीं चढ़ सकता था, या अपने हाथों से फल नहीं तोड़ सकता था।
Moral Stories in Hindi For Class 5
जैसे जैसे वो जंगल में ताजा फलों को देखता तब उसकी भूख भी बढ़ती जाती। कुछ समय बाद उसने हार मान ली और लकड़ी के सेब को नीचे गिरा दिए और अपने भोजन के लिए ऊपर पहुंच गया। उसका पेट भर गया था और वह फिर से खुश था।

Moral Of The Story कहानी की सिख

छोटे बंदर की तरह, हम कभी-कभी ऐसी चीजें ले जाते हैं जो इतनी मूल्यवान लगती हैं पर असल जिंदगी में होती नही है। हमे ऐसा प्रतीत होता है कि हम इंसान हैं हमे अपनी छवि, गौरव, संपत्ति, धन और हैसियत को लेकर चलना पड़ता हैं, लेकिन लाइफ में सबसे महत्वपूर्ण चीजों जैसे प्यार, करुणा, दोस्त और परिवार  का आनंद लेना भूल जाते हैं।

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